spark plug क्या है ? और कैसे कार्य करता है

spark plug

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में आज हम जानेंगे की spark plug क्या है । और ये कैसे काम करता है और ये कितने प्रकार के होते हैं । तो चलिए जानते हैं  स्पार्क प्लग के बारे में

spark  plug  क्या है

 

आप सब जानते होंगे की पैट्रोल वाले वाहनों में फ्यूल को जलाने के लिए स्पार्क यानी चिंगारी का प्रयोग किया जाता है । जो स्पार्क प्लग के माध्यम से बनती है । तो स्पार्क प्लग आखिर है क्या । तो आपको बता दें कि

स्पार्क प्लग एक ऐसा डिवाइस है । जो स्पार्क जेनेरेट करता है । इसका उपयोग पैट्रोल इंजन में किया जाता है । spark plug फ्यूल मिश्रण को combustion करता है । ये प्रायः इग्निशन कोइल से जुड़ा रहता है । और इंजन हेड पर लगाया जाता है । ये इलेक्ट्रिक magnatic सिस्टम पर कार्य करता है ।

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स्पार्क प्लग क्या काम करता है

 

गाडी में इलेक्ट्रिकल सिस्टम के लिए D.C बेटरी लगी होती है । जिससे बहुत सारे इलेक्ट्रिकल कॉम्पोनेन्ट जुड़े होते हैं । उन्ही में से एक है । स्पार्क प्लग ये इलेक्ट्रिक MEGNATIC इंडक्शन पर कार्य करता है ।

इसमें एक D.C बैटरी से  कोइल को जोड़ा जाता है । कोइल दो रहती हैं । प्राइमरी कोइल और सेकेंडरी कोइल

प्राइमरी कोइल में । करंट बहने के कारण MEGNETIC फील्ड बनता है । तथा इसके कारण सेकेंडरी कोइल में अलटरनेटिंग कर्रेंट बनता है जो काफी हाई पावर का होता है ।

अब इस हाई पावर को स्पार्क प्लग तक पहुँचाने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर का प्रयोग किया जाता है । डिस्ट्रीब्यूटर एक प्रकार का रोटेशनल डिवाइस होता है । ये प्रायः घूमता रहता है ।

इसमें पॉइंट होते हैं । जब ये पॉइंट घूमते समय छूते हैं तो पावर मिलती है । इसमें एक स्टेप अप ट्रांसफार्मर का प्रयोग किया जाता है । जिससे कर्रेंट D.C से A.C में कन्वर्ट होता है । जिससे हाई वोल्टेज A.C प्राप्त होता है ।

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स्पार्क प्लग के मुख्य भाग

  • प्लग टर्मिनल
  • स्पार्क प्लग गैप
  • सेन्ट्रल इलेक्ट्रोड
  • मेटल केस
  • सील
  • इन्सुलेटर- यह स्पार्क टर्मिनल और इलेक्ट्रोड के मध्य में रहता है । इन्सुलेटर सेन्टर इलेक्ट्रोड और सेल के मध्य कनेक्शन नहीं होने देता है । क्यूंकि अगर सेन्टर इलेक्ट्रोड और सेल आपस में कनेक्ट होते हैं तो इलेक्ट्रिक कर्रेंट सेल के मध्यान से अर्थ में CONVERT हो जाता है । इसलिए इन्सुलेटर का प्रयोग स्पार्क प्लग में किया जाता है ।
  • रिब्स
  • ग्राउण्ड इलेक्ट्रोड

एक हाई टेंशन केबल के माध्यम से कर्रेंट सेण्टर इलेक्ट्रोड तक कर्रेंट पहुँचाया जाता है । वहीँ ग्राउण्ड इलेक्ट्रोड की बीच कुछ गैप रखा जाता है । जो गैप 0.6M.M से 1 M.M तक होता है ।

 

स्पार्क प्लग कितने प्रकार के होते हैं

 

स्पार्क प्लग मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं 

कॉपर स्पार्क प्लग – इस प्रकार के स्पार्क प्लग का प्रयोग ज्यादातर देखने को मिलता है । इस में सेंटर इलेक्ट्रोड में कॉपर का इस्तेमाल किया जाता है ।

जो अच्छा गुणवत्ता का होता है । जब भी अधिकतर नयी गाडी खरीदी जाती है । तो उसमें कॉपर का स्पार्क प्लग ही लगा रहता है । इसको लगभग 10 से 12 हजार किलोमीटर पर बदलने की सलाह दी जाती है । क्यूंकि इसकी लाइफ इतनी रहती है 

प्लेटिनम स्पार्क प्लग – इसकी कार्य प्रणाली भी कॉपर स्पार्क प्लग के जैसे ही रहती है । पर इसकी लाइफ थोड़ा अधिक रहती है । 

इरीडियम स्पार्क प्लग – इसको गुणवत्ता काफी अच्छी रहती है । ये लॉन्ग लाइफ होता है ।  साथ ही इसकी स्पार्क गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है । जिससे combustion अच्छा होता है ।

और गाडी की परफोर्मेंस भी अच्छी होती है । इसमें मिस स्पार्क न के बराबर होता है । इंजन की लाइफ भी अच्छी रहती है । और कम फ्यूल में भी अच्छा माइलेज रहता है 

स्पार्क प्लग की जांच कैसे करें ?

स्पार्क प्लग की कार्यविधि की जाँच करने के लिए की स्पार्क प्लग सही से कार्य कर रहा है । कि नहीं जानने के लिए सर्वप्रथम स्पार्क प्लग को खोलकर हाई टेंशन प्लग को लगाना चाहिए और इंजन को घुमाकर प्लग को अर्थ करना चाहिए अगर इलेक्ट्रोड के बीच स्पार्क सही से बन रहा है तो स्पार्क प्लग सही है । और इसके विपरीत अगर अगर स्पार्क सही से नहीं बन रहा है । तो स्पार्क प्लग में कुछ खराबी है । इसके अतरिक्त अगर अर्थ करने पर इंजन सिलेंडर काम न करे तो स्पार्क प्लग सही है । एक चीज का अवश्य ध्यान देना चाहिए कि स्पार्क प्लग को अर्थ करते समय सावधानी से कार्य करना चाहिए और शरीर को इंजन से दूर रखना चाहिए 

स्पार्क प्लग से सम्बंधित कुछ दोष

आप सभी भली भाँती जानते हैं कि स्पार्क प्लग का प्रयोग पैट्रोल इंजन में किया जाता है । लम्बे समय तक चलने के कारण इसमें कुछ दोष आ जाते हैं । जिनके बारे में हम चर्चा कर रहे हैं 

  • कभी कबार स्पार्क प्लग  अधिक गर्म हो जाता है । 
  • स्पार्क प्लग में अधिक कार्बन जम जाने के कारण करंट अर्थ करता है । 
  • कभी कबार स्पार्क प्लग में तेल होने से करंट बह नहीं पाता है । 
  • प्लग का टूट जाना
  • साइड इलेक्ट्रोड और चूड़ी टूट जाना 

    और  भी कई कारण हैं जिससे स्पार्क प्लग में खराबी आ जाती है । ज्यादातर स्पार्क प्लग को साफ़ करने पर कई दोष दूर हो जाते हैं 

स्पार्क प्लग का रख रखाव कैसे करें

स्पार्क प्लग की साफ़ सफाई कम से कम महीने में एक बार करनी चाहिए और गैप को सेट करना चाहिए 

अगर स्पार्क प्लग के अंदर कार्बन जम गया हो तो उसे साफ़ करें 

अगर स्पार्क प्लग के इलेक्ट्रोड घिस गए हों तो नए प्लग का प्रयोग करना चाहिए 

स्पार्क प्लग के बाहर लगा हुआ तेल और गन्दगी को साफ़ करना चाहिए जिससे कि वह गर्म होने से बचा रहे 

स्पार्क प्लग को सही से कसना चाहिए 

आपने जाना स्पार्क प्लग के बारे में आपको ये पोस्ट कैसी लगी अपने  सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें और पोस्ट को औरों के साथ भी साझा करें और हमें

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