हाइड्रोलिक वाल्व लिफ्टर क्या है ? जाने हिंदी में

हाइड्रोलिक वाल्व

 

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक नयी पोस्ट में इस पोस्ट में हम जानेंगे कि एक इंजन में हाइड्रोलिक वाल्व लिफ्टर क्या होता है । और ये इंजन में किस काम आता है । तो चलिए देर न करते हुए जानते हैं । हाइड्रोलिक वाल्व लिफ्टर के बारे में

हाइड्रोलिक वाल्व लिफ्टर क्या है ?

जैसा की आप सभी जानते हैं । इंजन एक गाडी का मुख्य भाग है । और ये बहुत सारे पार्ट्स से मिलकर बना होता है । उन्ही में से एक है । हाइड्रोलिक वाल्व लिफ्टर इसका प्रयोग वर्तमान समय में अधिक होता है ।

पहले के समय में इसके स्थान पर मकेनिकल वाल्व लिफ्टर का प्रयोग किया जाता था । पर बदलती टेक्नोलॉजी के साथ वर्तमान समय मैं हाइड्रोलिक वाल्व लिफ्टर का प्रयोग किया जाता है ।

इसमें नॉइस कम होती है । क्यूंकि इसमें टैपिट क्लीरेंस नहीं रखा जाता है। इसमें एक रिजर्वायर और एक सिलेंडर का प्रयोग किया जाता है । इसमें एक बॉडी होल आयल प्रेशर लाइन से सम्बंधित रहता है ।

जिसके माध्यम से आयल लुब्रिकेशन सिस्टम से रिजर्वायर में आता है । इसके साथ ही सिलेंडर में एक प्लंजर का प्रयोग किया जाता है । जिसका ऊपरी सिरा एक पुश रॉड वाल्व स्टैम के साथ मिला रहता है ।

नीचे का सिरा आयल से लगा रहता है । इंजन वाल्व के बंद रहने की स्तिथि में रिजर्वायर का आयल बॉल को खोलता है । जिससे प्लंजर ऊपर उठता है ।

इससे लिफ्टर असेम्बली तथा पुश रॉड वाल्व स्टैम के बीच दूरी समाप्त हो जाती है । ऐसे हे केम लोब जब ऊपर को आती है । तो उसके साथ लिफ्टर ऊपर उठता है ।

तथा वाल  चेक बंद होता है । और आयल रिजर्वायर में नहीं जाता है । इससे लिफ्टर असेम्बली ऊपर उठकर वाल्व को खोल देती है । ठीक इसी समय कुछ तेल प्लंजर और सिलेंडर के बीच लीक कर जाता है । जिससे प्लंजर नीचे आता है । तथा वाल्व बंद हो जाता है ।

 

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वाल्व सीट क्या है ?

इंजन वाल्वों के फेस इन्ही वाल्व सीट पर वाल्व चिपक कर बैठते हैं । जिससे गैसें लीक नहीं होती हैं । सिलेंडर ब्लॉक या सिलेंडर हैड में यह ऐसे स्थान पर बनी रहती हैं ।

जहाँ combustion  चेम्बर इन्हें धक् सके दुसरे शब्दों में कह सकते हैं । कि ये वाल्व सीट ऐसे स्थान पर बनी होती है । जहाँ combustion चेम्बर में खुल सकें

 

वाल्व क्लीरेंस क्या होता है ।?

वाल्व प्रायः इंजन के ऊपरी साइड में फिट रहते हैं । और और जब इंजन चलता है । तो इंजन की गर्मी के कारण ये वाल्व भी गर्म हो जाते हैं । और गर्मी के कारण इनका आयतन बढ़ जाता है ।

जिसकी वजह से वाल्व सही से बंद और खुल नहीं पाते हैं । और वाल्वो का समय पर न खुलना और बंद न होने के कारण इंजन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता है ।

इसके साथ वाल्व के देर में बंद होने और देर से खुलने के कारण अगर वाल्व पुश रॉड के मध्यान से खुलते हैं । तो पुश रॉड भी टेढ़ी होने का खतरा रहता है ।

जिन इंजन में इंजन हैड में वाल्व फिट रहते हैं । उनमें रौकर के साथ एक क्लीरेंस स्क्रू लगा दिया जाता है । और स्क्रू के माध्यम से रौकर और वाल्व स्टैम के बीच गैप को सेट किया जाता है ।

और जिन इंजनों में वाल्व को इंजन ब्लॉक में लगाया जाता है । उनमें टैपेटों के ऊपर ही एडजस्टमेंट स्क्रू लगा दिया जाता है । और इसी के माध्यम से टैपेट और वाल्व स्टैम के बीच के गैप को एडजस्ट किया जाता है ।

ये वाल्व क्लीरेंस बनाने वाली कंपनी वाल्वों में प्रयुक्त धातुओं के आधार पर अपने अनुसार तय करती हैं । ये क्लीरेंस अधिकतर 0.5 से 0.15 तक होता है ।

 

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इंजन वाल्व की मरम्मत कैसे करें ?

जब इंजन स्टार्ट होता है । तो वाल्व भी इंजन के साथ अपना कार्य करते हैं । लम्बे समय तक चलने के कारण वाल्वों के फेस ख़राब हो जाते हैं । जिसका एक कारण अन्य हैं ।

वो है टैपेट क्लीरेंस इसके अतरिक्त मिटटी आदि के कारण भी इनके ख़राब होने का कारण रहता है । और  इसके अतरिक्त ज्यादा रिच मिश्रण के कारण भी वाल्वों पर कार्बन जम जाता है ।

जिसके कारण कम्प्रेशन लीक करने लगता है । और इस इसका प्रभाव इंजन पर पड़ता है । इस प्रकार की समस्या से बचने के लिए घिसे और ख़राब वाल्वों को वाल्व फेसिंग ग्राइंडिंग मशीन द्वारा पुनः ग्राइंड करके फिर से सही किया जा सकता है ।

इसमें एक बात का ध्यान रखना आवयश्यक होता है । कि जिस कोण प्र वाल्व सीट बनी रहती है । उसी कोण पर वाल्व को ग्राइंड किया जाना चाहिए ।

और एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि वाल्व को बहुत अधिक गहराई तक ग्राइंड नहीं करना चाहिए । इसका कारण ये है । कि वाल्व की ऊपरी सतह कुछ गहराई तक ही कठोर बनायीं जाती है  ।

इस स्तिथि में अगर वाल्व को ग्राइंड करने पर अगर वाल्व का मार्जिन 1×6 से कम हो जाता है । तो उसे प्रयोग नहीं किया जा सकता है । साथ ही वाल्वों पर गैस का बहुत अधिक दबाव पड़ता है । और पतली मार्जिन के कारण गैस लीक होने का खतरा भी रहता है ।

वाल्वों के जल्दी ख़राब होने के कुछ निम्नलिखत कारण हो सकते हैं –

  • वाल्वों की टाइमिंग ख़राब हो गयी है ।
  • वाल्व स्टैम में फंसकर वाल्व गाइड ख़राब हो गए हैं ।
  • वाल्व स्टैम टेढ़ी हो गयी है ।
  • वाल्व सही से सीट पर नहीं बैठ रहे हैं । 
  • वाल्व स्प्रिंग कमजोर हो गयी है । 

 

आपने इस पोस्ट में जाना कि वाल्व टैपेट लिफ्टर क्या होता है । और ये क्या कार्य करता है । और साथ ही ये भी जाना कि वाल्व टैपेट क्या होता है । उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आयी हो आपको ये पोस्ट कैसी लगी अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें । और इस पोस्ट को औरों के साथ भी साझा करें और हमें FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें 

धन्यवाद 

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