हाइड्रोजन फ्यूल क्या है ? what is hydrogen fuel

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में क्या आप जानते हैं कि हाइड्रोजन फ्यूल क्या है । अगर नहीं तो हम इस पोस्ट में आपको बताते हैं कि हाइड्रोजन फ्यूल क्या है । तो चलिए जानते हैं आखिर ये हाइड्रोजन फ्यूल क्या है । और ये किस काम आता है

हाइड्रोजन फ्यूल क्या है

हाइड्रोजन फ्यूल क्या है ?

सामान्य शब्दों में कहा जाए तो हाइड्रोजन फ्यूल एक प्रकार का  साफ़ किया हुआ ईंधन हैं । जब इसे फ्यूल सेल में उपयोग में लाया जाता हैं इससे पानी का उत्पादन होता है । आप सही से समझ गए होंगे कि हाइड्रोजन एक तत्व है जिसका प्रयोग एक फ्यूल के रूप में होता है । और इसे पर्यावरण की दृष्टि से भी उपयोगी बताया जाता है । ये ईंधन न के बराबर बर्बाद होता है । आप को बता दें कि हाइड्रोजन फ्यूल को भविष्य का ईंधन भी कहा जाता है । 

 

hydrogen फ्यूल कैसे बनता है ?

हाइड्रोजन फ्यूल एक ऊर्जा के रूप में हमारे पर्यावरण में मौजूद है । क्यूंकि एक ऊर्जा होने के कारण हाइड्रोजन गैस जिसे कि सारणी में h2 के नाम से जाना जाता है ।  फ्यूल को कई प्रकार से बनाया जाता है । जैसे नवीनीकरण ऊर्जा के संसाधन और सौर ऊर्जा के संसाधन ये बिजली और परिवहन के क्षेत्र में इसका प्रयोग करना अच्छा विकल्प हो सकता है । तो चलिए जानते हैं कि हाइड्रोजन फ्यूल कैसे बनता है । आम तौर पर इस दो भागों में बांटा जा सकता है ।

  1. Biologically derived  अथार्त आप कह सकते है कि जैविक रूप से उत्पन्न उत्पादक जैसे कचरा  ख़राब चीजें
  2. chemical production आप को बता दें कि हाइड्रोजन ईंधन का जैविक उत्पादन लगभग 1970 के दसक से शोध का विषय बना हुआ है

biomas के स्रोतों से हाइड्रोजन को बनाया जा सकता है । जैसे कृषि और जंगलों में बचे हुए अवशेष इसके अतरिक्त खेती में बचे हुए साधनो से हाइड्रोजन फ्यूल को बनाने के लिए अधिकतर गैसीकरण प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है । इसमें biomas पर एक ज्वलनशील गैस लगायी जाती है । और उसके बाद उसे जलाया जाता है । इसके अतरिक्त हाइड्रोजन को बनाने के बहुत सरे तरीके हैं चलिए जानते हैं कुछ तरीकों के बारे में जिससे कि आपको समझने में और आसानी हो तो चलिए जानते हैं कुछ और तरीकों को जो निम्नलिखित हैं –

Thermal प्रोसेसेज – 

hydrogen उत्पादन के लिए थर्मल प्रोसेसेज में भाप बनता है । इसमें अधिक तापमान प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है । जिसमें भाप हाइड्रोकार्बन ईंधन के साथ मिलकर रियेक्ट करता है। जिससे हाइड्रोजन उत्सर्जित होता है । हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए कई सारे हाइड्रोजन ईंधन का प्रयोग किया जा सकता है । इसमें कई संसाधन जैसे कोयला प्राकृतिक गैस लिक्विड फ्यूल जैसे साधन हैं आज के बदलते दौर में हाइड्रोजन का जितना उत्पादन होता है । उसमें से लगभग प्राकृतिक गैसों के माध्यम से 94 फ़ीसदी प्राकृतिक गैसों के भाप से बनाया जाता है 

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Electrolysis processes-

ये एक प्रकार की प्रक्रिया है । जिसमें पानी में से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग अलग किया जाता है । इस प्रक्रिया के अंतर्गत एक elecstrolizer में होती है । जिसमें हाइड्रोजन मॉलिक्यूल को ऊर्जा का उपयोग नहीं किया जा सकता है । ये ईंधन सेल के रूप में कार्य करते हैं । जिसमें कि एक electrolizer पानी के मॉलिक्यूल से हाइड्रोजन के शुद्ध रूप को बड़ी मात्रा में इक्क्ठा नहीं किया जा सकता है । और इस कारण से ये आमतौर पर औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन के लिए प्राथमिक इनपुट की आवयश्कयता होती है । इसलिए हाइड्रोजन फ्यूल का उत्पादन मीथेन या पानी के electrolizer से किया जाता है ।

Solar Driven Processes-

इसमें हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए सौर चलित प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है । इसमें लाइट को एक एजेंड के रूप में प्रयोग किया जाता है । अन्य भी बहुत सौर चलित प्रक्रियाएं हैं । जिनसे हाइड्रोजन फ्यूल बनाया जाता है । चलिए जानते हैं कुछ मुख्य प्रक्रियाओं के बारे में

 

फोटो बायोलॉजिकल सिस्टम – इस प्रकार के सिस्टम में हाइड्रोजन को बनाने के लिए प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया जिसके लिए इसमें बैक्टीरिया और सेवाल का प्रयोग किया जाता है । 

 

फोटो इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम – इस प्रकार के सिस्टम में पानी में से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग करने के लिए सेमीकंडक्टर का प्रयोग किया जाता है ।

 

बायोलॉजिकल प्रोसेस – इस प्रकार के सिस्टम में बैक्ट्रिया और माइक्रो सेल जैसे जीवाणुओं का प्रयोग किया जाता है । इस प्रक्रिया में बायोलॉजिकल रिएक्शन के जरिये हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाता है ।

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हाइड्रोजन फ्यूल का भविष्य क्या है ?

वर्तमान दौर में हाइड्रोजन फ्यूल को भविष्य के फ्यूल के रूप में जाना जाता है । हाइड्रोजन फ्यूल को नेचर फ्रैंडली भी माना जाता है जिस कारण इसे भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जा सकता है । और दुनिया में बड़ी बड़ी कम्पनियां हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली गाड़ियों को बनाने में लगे हुए हैं ।

 

हाइड्रोजन फ्यूल सेल क्या है ?

आसान शब्दों में कहा जाये तो फ्यूल सेल एक ऐसी तकनीक है । जिसमें शुद्ध हाइड्रोजन में फ्यूल सेल का संचालन एक बेहतरीन तरीके से होता है । और इसे भविष्य में एक स्वच्छ ईंधन के रूप में एक बेहतर विकल्प हो सकता है ।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीकी कैसे काम करती है

सामान्य भाषा में कहा जाये तो इसमें रासायनिक ऊर्जा को को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है । इसे बनाने के लिए हाइड्रोजन गैस तथा ऑक्सीजन का प्रयोग किया जाता है । कहने का तात्पर्य यह है । कि एक वाहन को बिजली की सप्लाई देने के लिए हाइड्रोजन जरूरी है । आपको बता दें कि नासा में लगभग 1920 से लिक्विड हाइड्रोजन का उपयोग किया जाता है । और स्पेस शटल में इलेक्ट्रिक सिस्टम को ऊर्जा हाइड्रोजन फ्यूल सेल के माध्यम से ही प्रदान की जाती है ।

केमिकल रिएक्शन से उत्पन्न हुई ऊर्जा ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन के मिश्रण से फ्यूल सेल इलेक्ट्रिसिटी हीट जिसमें पानी का उत्पादन होता है ।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में फ्यूल सेल की तुलना बैटरियों से होती है । क्यूंकि इस सिस्टम में बैटरी और फ्यूल सेल केमिकल रिएक्शन के माध्यम से एक ऊर्जा का निर्माण होता है । जिसका प्रयोग हम इलेक्ट्रिक पावर के रूप में करते हैं

 

हाइड्रोजन कार क्या है ?

इस प्रकार की कारों में ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का प्रयोग किया जाता है । जिसके लिए लिए इसमें हाइड्रोजन को रखने के लिए हाइड्रोजन सिलेंडर का प्रयोग किया जाता है । चलिए एक हाइड्रोजन कार कैसे काम करती है ।

हाइड्रोजन कार कैसे काम करती है ?

इसमें फ्यूल सेल तकनीकी का प्रयोग किया जाता है । इसमें एक बात यह है । कि फ्यूल सेल इलेक्ट्रिसिटी बनाने में तब महत्वपूर्ण होते हैं । जब ईंधन के रूप में हाइड्रोजन प्रयाप्त मात्रा में हो । इसके लिए इसमें हाइड्रोजन टैंक का इस्तेमाल किया जाता है । जिनमे हाइड्रोजन स्टोर होती है । तथा इसी हाइड्रोजन का प्रयोग इलेक्ट्रिसिटी बनाने के लिए किया जाता है । कार में हाइड्रोजन को रखने के लिए दो टैंकों का प्रयोग किया जाता है ।

हाइड्रोजन फ्यूल के लाभ

ये एक साफ़ ईंधन होता है । तथा ये प्रदूषण रहित होता है ।

टैंक फुल होने पर एक हाइड्रोजन का लगभग 400 से 600 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है ।

कार में दोबारा फ्यूल भरने में 5 से 6 मिनट का समय लगता है ।

हाइड्रोजन फ्यूल के नुक्सान –

इसमें सबसे बड़ी समस्या ये है । कि हाइड्रोजन को स्टोर करने के लिए बहुत अधिक स्थान की आवश्यकता होती है । और साथ ही हाइड्रोजन को अलग करना  कठिन है और महंगी भी भविष्य में इसे बेहतर बनाया जा सकेगा ।

आपने क्या सीखा ?

दोस्तों आज की पोस्ट में आपने जाना कि हाइड्रोजन फ्यूल क्या है और ईंधन के क्षेत्र में इसकी क्या उपयोगिता है । अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो औरों के साथ भी साझा करें और अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में bhejenहमें FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें 

धन्यवाद 

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