टायर और टायर ट्यूब क्या है जाने हिंदी में

tyre and tube

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और पोस्ट में आज हम जानेंगे व्हील और टायर ट्यूब क्या है और कितने प्रकार के होते हैं तो चलिए जानते हैं विस्तार से 

टायर और टायर ट्यूब

जैसा की आप सभी जानते हैं कि व्हील या पहियों को उपयोग हर गाडी में किया जाता है । ये प्रायः रबर के बने होते हैं । और ऑटोमोबाइल में इनकी संख्या जरूरत के अनुसार होती है ।

पर ज्यादातर व्हीकल में इनकी संख्या चार होती है । पर कुछ भारी व्हीकल्स में इनकी संख्या वजन के अनुसार रखी जाती है । और कुछ में जैसे थ्री व्हीलर में तीन पहियों का उपयोग किया जाता है ।

र टू व्हीलर में दो पहियों का प्रयोग किया जाता है । एक गाडी में ये प्रायः एक ही आकार के होते हैं । व्हील वास्तव में रिम को कहा जाता है । और ट्यूब  और टायर कवर इसके सहायक होते हैं ।

रिम पर रबर के टायर और इसके अंदर रबर की थैलीनुमा ट्यूब लगायी जाती है । जिसमें हवा भरी जाती है । और इन्हें न्यूमेटिक टायर कहते हैं । इनमें भरी हवा ही गाडी का बोझ उठाती है ।

और इसके अलावा रोड से लगने वाले हलके झटके टायर सहन करते हैं । और टायर ही सड़क से रगड़कर गाडी को चलने में सहायता करते हैं ।  ब्रेकिंग सिस्टम में भी टायर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है ।

 

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टायर के प्रकार

ऑटोमोबाइल में मुख्यतः तीन प्रकार के टायरों का उपयोग किया जाता है जो निम्नलिखित हैं

1 लो प्रेशर टायर

2 एक्स्ट्रा लो प्रेशर टायर

3 हाई प्रेशर टायर

चलिए इनको थोड़ा और अधिक से जानते हैं

लो प्रेशर टायरऐसे टायरों का उपयोग प्रायः छोटी गाड़ियों में किया जाता है । इनमें कम  दबाव की हवा भरी  जाती है । इससे टायर का                                   रोड पर क्षेत्रफल बढ़ जाता है । जिससे ये आसानी से रोड के अधिक झटकों को सहन करते हैं । ये प्रायः सड़क पर काम                                   स्लिप होते हैं ।

 

एक्स्ट्रा लो प्रेशर टायर इनको प्रायः बलून टाइप टायर भी कहा जाता है । ये काफी चौड़े होते हैं । और इनमें हवा का दबाव कम  रखा                                                  जाता है । इनका प्रयोग दलदले जगह या रेतीले जगहों पर अधिकतर किया जाता है । और हेवी व्हीकल में                                                        इनका प्रयोग किया जाता है । जैसे – डोजर आदि

 

हाई प्रेशर टायर इस प्रकार के टायरों में हवा का दबाव अधिक रखा जाता है । और इनका प्रयोग भारी गाड़ियों में किया जाता है । इन                                        टायरों में टायर का कम भाग सड़क से सम्बंधित होता है । जिससे स्टीयरिंग तो सरलता से प्रयोग होता है । पर सड़क के                                      झटकों को सहन करने की छमता कम होती है ।

 

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टायर की बनावट

आज से पहले के समय में टायर को बनाने के लिए रबर और सूत के रेशों को उपयोग में लाया जाता था। पर वर्तमान समय में मजबूत टायरों को बनाने के लिए नायलोन तथा रेयान के तारों का उपयोग किया जाता है ।

तार के गोल रिंग जिन्हे बीड कहा जाता है । इनमें रबर और नायलोन के तारों की कई परत एक के ऊपर लगगयी जाती है जिसे प्लाई  कहते हैं। और इन प्लाई  की संख्या जितनी अधिक होगी टायर उतने ही मजबूत होंगे।

इसके बाद अंत में प्लाई के बाहर रबर की एक अच्छी परत चढ़ाई जाती है । अब टायर की गोलाई जिसे हम आसान भाषा में ट्रेड कहते हैं । अलग अलग कंपनियां उनकी जरूरत के अनुसार टायरों में अलग अलग प्रकार के डिज़ाइन बनाती हैं । और टायरों के नाम इन ट्रेड डिज़ाइन के अनुसार होते हैं

 

ट्यूबलैस टायर क्या है ?

वर्तमान समय में ज्यादातर गाड़ियों में ट्यूबलैस टायरों का प्रयोग अधिकतर किया जा रहा है और ये धीरे बढ़ते जा रहा है  । इस  प्रकार के टायरों में ट्यूब का प्रयोग नहीं किया जाता है । क्यूंकि इन टायरों में रबर की एक लेयर अंदर की और लगी होती है ।

और रिम की आउटर सर्फेस बहुत अच्छी होती है । और जब रिम पर इसे लगा दिया जाता है । तो ये एयर टाइट हो जाते हैं । रिम में ही वाल्व बॉडी फिट होती है । और इससे ही टायर में हवा बहरी जाती है ।

इस प्रकार के टायरों में एक समस्या ये होती है कि अगर ये पंक्चर होते हैं और हवा लीक होती है । तो  पूरा टायर या रिम को पानी में डालकर चेक करना होता है । इनको भी और टायरों के समान वल्कनाइज़िंग करके मरम्मत किया जाता है ।

 

ट्यूब लैस टायर के फायदे क्या हैं

1 . इस प्रकार के टायरों की बनावट सरल होती है । और उपयोग में भी आसान होती है ।

2 . ट्यूब लैस टायरों की फिटिंग अपेक्षाकृत आसान होती है ।

3 . ट्यूब लैस टायर चलने में जल्दी गर्म नहीं होते हैं

4 .  ट्यूब लैस टायरों में हवा वाल्व बॉडी से काम मात्रा में लीक होती है

 

ट्यूब

एक व्हीकल में टायर के अंदर एक रबर की बनी एक खोखली ट्यूब का प्रयोग किया जाता है । वास्तव  में ट्यूब ही गाडी का भार उठाती है।  जिसमें हवा भरने के लिए एक वाल्व बॉडी लगायी जाती है ।

जिसके माध्यम से टायर में हवा भरी जाती है । ये वाल्व ट्यूब के साथ जुड़े होते हैं और जिसे खोला नहीं जा सकता है । ये वाल्व रिम में बने सुराख़ से बाहर निकले होते हैं । और  इनमे आसानी से हवा भरी जा सकती है ।

और साथ ही ट्यूब में भरी हवा को रोकने के लिये  एक विशेष प्रकार का वाल्व उपयोग किया जाता है जिसे वाल्व कोर कहा जाता है । ट्यूब को टायर के अंदर फिट करने से पहले ट्यूब को अच्छी प्रकार से चेक करना चाहिए अगर कोई पंक्चर ये अन्य समस्या होने पर पहले ही समस्या दूर कर लेनी चाहिए ।

तो दोस्तों कैसी लगी आपको व्हील और टायर ट्यूब से सम्बंधित जानकारी अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें  और कृपया जानकारी को औरों के साथ साझा अवश्य करें और FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें पोस्ट पढ़ने के लिए आपका

धन्यवाद 

 

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