ब्रेक सिस्टम क्या है कैसे कार्य करता है और इसके प्रकार

break system

हेलो दोस्तों स्वागत है आप का एक और नयी पोस्ट में इस पोस्ट में हम जानेंगे की ब्रेक सिस्टम क्या है और ये कैसे कार्य करता है । और इसके कितने प्रकार होते हैं  तो चलिए जानते हैं कि ब्रेक क्या है तो चलिए विस्तार से जानते हैं 

ब्रेक सिस्टम

 

दोस्तों ऑटोमोबाइल में चलती गाडी को रोकने के लिए जिस सिस्टम का प्रयोग किया जाता है। उसे ब्रेक सिस्टम कहा जाता है । क्यूंकि मोटर गाडी को जरूरत के अनुसार चलाया और रोका जाता है ।

इसके अतरिक्त गाडी को उसकी छमता के अनुरूप निश्चित गति पर स्थिर करना उसके ब्रेकिंग सिस्टम पर निर्भर करता है । मान लीजिये कि अगर मोटर गाडी तेज गति से चल रही है।

तो गाडी को रोकते समय कम से कम दूरी पर ब्रेक लगने चाहिए जिससे कि कोई दुर्घटना न हो न ही गाडी को और न ही सड़क पर चलने वाले लोगों को जिसके लिए गाडी में एक अच्छे ब्रेक सिस्टम का प्रयोग बहुत ही आवश्यक है ।

परन्तु सिर्फ एक अच्छा ब्रेकिंग सिस्टम ही काफी नहीं होता है । क्यूंकि पहियों की भी इसमें मुख्य भूमिका होती है । अगर पहिये घिसे हुए हैं तो इसका भी ब्रेकिंग सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है । जिस कारण ब्रेक सही से नहीं लगते हैं । तो चलिए जानते हैं कि एक अच्छे ब्रेक सिस्टम में क्या क्या विषेशताएं होनी चाहिए

  •   एक गाडी में ब्रेक लगाते समय कम से कम पावर का इस्तेमाल करना पड़े जिससे कि गाडी एक निश्चित दूरी पर रूक जाए
  •   एक मोटर गाडी को कई प्रकार के मार्गो से गुजरना पड़ता है । जैसे कच्ची सड़कें , पक्की सड़कें , दलदली जगहें साथ ही धूप      हो या बारिश किसी भी मौसम में  हर स्थिति में ब्रेक सही से लगने चाहिए
  •   ब्रेक सिस्टम प्रायः पहियों से जुड़े होते हैं तो ब्रेक लगाते समय व्हील अलाइमेंट में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए
  •   किसी कारण अगर किसी पहिये की ब्रेकिंग में परेशानी आ जाये तो उसका प्रभाव अन्य पहियों पर नहीं पड़ना चाहिए और          साथ ही ब्रेक लगाते समय गाडी एक और नहीं भागनी  चाहिए

 

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ब्रेकों के प्रकार

 

1 . मकेनिकल ब्रेक

मकेनिकल ब्रेक सिस्टम में ब्रेक शू तक पावर देने के लिए लीवरेज की पावर का प्रयोग किया जाता है ये इंटरनल एक्सपेंडिंग ब्रेक सिस्टम है । जिसमें केबल और केम का प्रयोग किया जाता है ।जब भी ब्रेक पैडल पर दबाव पड़ता है तब केबल और लिंक द्वारा केम घूमती है । जिससे ब्रेक शू पर भी दबाव पड़ता है । फलस्वरूप ब्रेक शू बाहर की ओर ब्रेक ड्रम को जकड़ते हैं।और उनकी गति को धीमा करके उन्हें रोक देते हैं । ब्रेक शू पर फाइबर और एबेस्टॉस की एक लाइनिंग लगी रहती है जिसके कारण वो ड्रम को जल्दी जकड लेते हैं ।  ड्रम घूमना बंद कर देते हैं ।इसके   विपरीत यदि ब्रेक पैडल से दबाव हट जाता है । तो ब्रेक शू , रिटर्न स्प्रिंग और केम वापस अपने स्थान पर आ जाते हैं

ब्रेक पैडल के दबाने से सभी पहियों में एक साथ ब्रेक लग जाते हैं और गाडी रूक जाती है । इस सिस्टम में यदि किसी भी पहिये में किसी कारण से कोई खराबी आ जाती है तो उसका असर अन्य पहियों पर नहीं पड़ता है ।

इस ब्रेक सिस्टम को नॉन कम्पैन्सेटिंग ब्रेक भी कहा जाता है । इसका कारण ये है कि एक पैडल के माधयम से ही पहियों को अलग लिंक से लीवरेज पावर दी जाती है।चलिए जानते हैं मकेनिकल ब्रेक सिस्टम में  कौन से भाग प्रयोग किये जाते हैं 

ब्रेक पैडल 

ब्रेक शू 

ब्रेक शू लाइनिंग

ब्रेक ड्रम

ब्रेक शू रिटर्न स्प्रिंग

केम, लिंक या रॉड 

 

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2 . फुट ब्रेक सिस्टम

फुट ब्रेक सिस्टम में गाडी को  रोकने के लिए फुट ब्रेक का प्रयोग किया जाता है । इसमें ब्रेक पैडल दाएं पैर के नीचे लगा रहता है । और पैडल का लिंक पहियों के नजदीक लगी ब्रेक  ऐसेम्बली से होता है । जिसमें ब्रेक शू लगाए जाते है । जब भी ब्रेक पैडल दबाया  जाता है तो ब्रेक शू फैलकर ड्रम को जकड लेते हैं और ड्रम कि गति धीमी होकर रूक जाती है ।

 

3 . हैंड ब्रेक

जब मोटर गाडी स्थिर अवस्था मैं होती है तो हैंड ब्रेक का प्रयोग किया जाता है । जिसके फलस्वरूप मोटर गाडी स्थिर अवस्था मैं किसी भी स्थान पर हो तो हिलती डुलती नहीं है । और स्थिर रहती है । ये ब्रेक ड्राइविंग सीट के बगल में होता है और और इसमें हैंड लीवर का प्रयोग किया जाता है । और हाथ से लीवर खींचकर इसे अप्लाई किया जाता है । इसीलिए हैंड ब्रेक कहलाता हैइसको ब्रेक शू से एक केबल के  माध्यम से से जोड़ा जाता है । जब भी ब्रेक लीवर को खींचा जाता है । ब्रेक  शू फैलकर ड्रम को जाम कर देता है और गाडी एक ही स्थान पर स्थिर रहती है । जब तक कि लीवर को वापस अपने स्थान पर नहीं लाया जाता है ।

 

कुछ और ब्रेकों को हम इस  प्रकार से भी जान सकते हैं

  • हाइड्रोलिक ब्रेक सिस्टम
  • वैक्यूम ब्रेक सिस्टम
  • पावर ब्रेक सिस्टम
  • इलेक्ट्रिक ब्रेक

 

ब्रेक अप्लाई करने की प्रक्रिया

बदलती टेक्नोलॉजी के कारण गाड़ियों की गति में काफी बदलाव हो रहा है । आजकल के वाहनों में गति काफी तेज होती है । ऐसी गाड़ियों को रोकने के लिए अच्छे ब्रेकों का होना जरूरी है ।  जब गाडी चल रही होती है ।

तो गति बढ़ने पर एनर्जी भी बढ़ती है । और उसे रूकने के लिए बहुत पावर की जरूरत होती है । और गाडी को एक निश्चित दूरी पर रोकना होता है । तो कुछ बातों का ध्यान देना पड़ता है । जो निम्नलिखित  हैं

ब्रेकिंग सिस्टम में रोड और पहिये के मध्य घर्षण का ध्यान रखना

पहियों की माप

सड़क के सरफेस से ऊंचाई

ब्रेक ड्रम का व्यास ब्रेक ड्रम  पर ब्रेक शू लाइनिंग का  दबाव

 

 

अगली पोस्ट में हम हाइड्रोलिक ब्रेक सिस्टम के बारे में जानेंगे

 

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