पैट्रोल और डीजल इंजन में क्या अंतर है

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में क्या आपको पता है कि एक डीज़ल इंजन एक पैट्रोल इंजन से किस प्रकार अलग है । आज हम जानेंगे कि पैट्रोल और डीजल इंजन में क्या क्या अंतर् होते हैं और ये दोनों किस प्रकार एक दूसरे से अलग हैं तो चलिए जानते हैं इनमें क्या अंतर होते हैं

आप सभी जानते होंगे कि डीजल इंजन क्या है। और पैट्रोल इंजन क्या है । और ये किस प्रकार कार्य करते हैं । अगर नहीं तो आपको बता दें कि डीजल और पैट्रोल इंजन की कार्य विधि लगभग एक समान होती है ।

ये दोनों एक ही सिद्धांत पर कार्य करते हैं । और इनमें साइकिल भी एक ही पूरे होते हैं । पर इसके वावजूद इनमे कई बदलाव रहते हैं । जैसे डीजल इंजन में सक्शन स्ट्रोक के समय इसमें केवल शुद्ध हवा ही इंजन के सिलेंडर में प्रवेश करती है ।

उसे कम्प्रेश करके उस पर डीजल को स्प्रे किया जाता है । जिससे पावर प्राप्त की जाती है । वहीँ पैट्रोल इंजन में सक्शन स्ट्रोक के समय हवा और पैट्रोल का मिश्रण सिलेंडर में प्रवेश करता है ।

और उसको कम्प्रेश करके उस पर स्पार्क प्लग के जरिये चिंगारी देकर जलाया जाता है । और पावर प्राप्त की जाती है । ऐसे ही कुछ और भी कारण है जो कि डीजल इंजन में अलग होते हैं ।

और पैट्रोल इंजन में अलग होते हैं ऐसे ही अनेक अंतर के बारे में हम आगे जानेंगे तो चलिए डीजल और पैट्रोल इंजन मैं कुछ अंतरों के बारे में जानते हैं । 

 

फोर स्ट्रोक इंजन क्या है । और कैसे कार्य करता hai

पैट्रोल और डीजल इंजन में अंतर

जैसे कि आप सभी जानते हैं कि ऑटोमोबाइल में बहुत से इंजन उपयोग किये जाते हैं । पर ज्यादातर पैट्रोल और डीजल इंजन का प्रयोग गाड़ियों में किया जाता है । दोनों लगभग एक ही सामान कार्य करते हैं । पर इनमें कुछ प्रक्रियाएं अलग हैं जिनका विवरण निम्न प्रकार है

  • पैट्रोल इंजन में ईंधन के रूप में पैट्रोल का उपयोग किया जाता है जिसे हवा के साथ मिलाकर एक अनुपात में इंजन में भेजा जाता है । 

           वहीँ डीजल इंजन में ईंधन में डीजल का उपयोग किया जाता है । इसे combustion चेम्बर में गर्म हवा पर स्प्रे किया जाता है । 

  • डीजल इंजन में अधिक हॉर्स पावर प्राप्त की जाती है । इस कारण डीजल इंजन का प्रयोग भारी कार्यों के लिए भी किया जाता है

           वहीँ पैट्रोल इंजन में में डीजल इंजन के मुकाबले काम शक्ति प्राप्त होती है । इसलिए इनका प्रयोग अधिकतर भारी कार्यों के लिए नहीं                   किया जाता है ।

 

पेट्रोल इंजन क्या है ? कैसे कार्य करता है तथा ईंधन प्रणाली

 

  • डीजल इंजन में combustion चेम्बर में सक्शन स्ट्रोक के समय सिलेंडर में में साफ़ हवा प्रवेश करती है ।

            पैट्रोल इंजन में सक्शन स्ट्रोक के समय सिलेंडर में हवा और पैट्रोल का मिश्रण प्रवेश करता है ।

  • डीजल इंजन के combustion चेम्बर में कम्प्रेश गर्म हवा को जलाने के लिए फ्यूल इन्जेक्शन पम्प का प्रयोग किया जाता है । जो कि दबी हुई गर्म हवा पर डीजल को  धुएं के रूप में स्प्रे करता है

            पैट्रोल इंजन में फ्यूल इन्जेक्शन पम्प की जगह पर कारबुरेटर का प्रयोग किया जाता है । जो हवा और पैट्रोल का मिश्रण इंजन के                          combustion चेम्बर मे भेजता है ।

  • डीजल इंजन में कम्प्रैशन अनुपात लगभग 1:12 से 1: 22 तक रहता है । मतलब 1 मात्रा डीजल की और 12 से 22 मात्रा हवा की रहती है ।

           पैट्रोल इंजन में कम्प्रैशन अनुपात लगभग 1: 4 से 1: 10 तक रहता है । मतलब 1 मात्रा पैट्रोल की और 4 से 10 मात्रा हवा की रहती है

  • डीजल इंजन की कीमत बहुत अधिक होती है । पर उसके रख रखाव में कम खर्चा आता है । अधिक लम्बे समय तक उपयोग के कारण ये सस्ते सिद्ध होते हैं

           पैट्रोल इंजन की कीमत कुछ कम होती  है । पर इसके रख रखाव में बहुत अधिक खर्च आता है । इसी कारण लम्बे समय उपयोग की                   दृष्टि से ये इंजन महंगे सिद्ध होते हैं।

  •  डीजल सस्ता होता है । और एक 1 H.P पावर के लिए कम खर्च होता है

           वहीँ पैट्रोल की कीमत अधिक होती है । और 1 H.P  पावर के लिए खर्च भी अधिक रहता है।

  • डीजल इंजन में बैटरी का प्रयोग केवल लाइट, हॉर्न , सेल्फ स्टार्टर , के लिए ही किये जाते हैं।

            वहीँ  पैट्रोल इंजन में बैटरी का उपयोग ईंधन को जलाने के लिए । इग्निशन coil . स्पार्क प्लग डिस्ट्रीब्यूटर के लिए किया जाता है ।

  • डीजल इंजन प्रायः ठण्डे होने पर देर से स्टार्ट होते हैं

           or पैट्रोल इंजन में ठण्डे होने पर जल्दी स्टार्ट होते है

  • डीजल इंजन में टार्क अधिक होता है । जिसके कारण ट्रांसमिशन में भाग अधिक मजबूत बनाने पड़ते हैं । भरी वाहनों में इसका प्रयोग होता है । 

            पैट्रोल इंजन में टार्क कम होता है । इनमें भाग अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता नहीं होती है ।

  • डीजल इंजन का शुरूआती टार्क अधिक होता है । जिसके कारण बड़ी बैटरी की जरूरत सेल्फ स्टार्ट के लिए प्रयोग होती है ।

           वहीँ पैट्रोल इंजन का शुरूआती टार्क कम होता है । इसलिए सेल्फ स्टार्ट के लिए कम पावर की बैटरी से ही काम चल जाता है

पैट्रोल इंजन में फ्यूल को जलाने के लिए स्पार्क प्लग का प्रयोग किया जाता जो एक इलेक्ट्रिक विधि पर कार्य करता है । पैट्रोल एक ज्वलन शील पदार्थ है । combustion चेम्बर में कम्प्रेश्ड होकर ये और अधिक ज्वलन शील हो जाता है । और ठीक उसी समय उस पर स्पार्क प्लग द्वारा आग की चिंगारी दी जाती है । 

पर डीजल इंजन में इसके स्थान पर हाई प्रेशर लाइन का प्रयोग किया जाता है । जो कि डीजल को धुंए की शक्ल में कम्प्रेश्ड हवा पर स्प्रे करती है ।  अधिक गर्म हवा के संपर्क में आते ही डीजल अपने आप जल जाता है । और इसी से ही पावर प्राप्त होती है ।  

 

दोस्तों अभीआपने जाना डीजल इंजन और पैट्रोल में क्या अंतर होते हैं । और ये किस प्रकार से एक दूसरे से अलग हैं । आप को ये पोस्ट कैसी लगी अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें और साथ ही साथ इस पोस्ट को औरों के साथ भी साझा करें तथा हमें INSTAGRAM और  FACEBOOK पर जरूर FOLLOW करना न भूलें पोस्ट पढ़ने के लिए के लिए 

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