पेट्रोल इंजन क्या है ? कैसे कार्य करता है

पेट्रोल इंजन

हेलो दोस्तों स्वागत ही आप सभी का एक और नयी पोस्ट में आज हम जानेंगे पेट्रोल इंजन के बारे में तो चलिए जानते हैं पैट्रोल इंजन क्या है और कैसे कार्य करता है ।

पेट्रोल इंजन क्या है ?

इस प्रकार के इंजन में फ्यूल के रूप में पैट्रोल का प्रयोग किया जाता है । पेट्रोल इंजन इंटरनल कंबस्शन इंजन का प्रकार है । इसमें इंजन के कंबस्शन चेम्बर में फ्यूल और हवा के मिश्रण को  स्पार्क के माध्यम से जलाया जाता है । इसी कारण इसे स्पार्क इग्निशन भी कहा जाता है । ये दो प्रकार के होते हैं 

फोर स्ट्रोक पेट्रोल इंजन – जैसा की आप सभी जानते है  इसमें चार स्ट्रोक अलग अलग होते हैं जो निम्न प्रकार के होते हैं 

सक्शन स्ट्रोक – 

कम्प्रेशन स्ट्रोक 

पावर स्ट्रोक 

एग्जॉस्ट स्ट्रोक 

2 स्ट्रोक पेट्रोल इंजन – इसमें भी चार स्ट्रोक होते हैं पर दो स्ट्रोक एक बार में और दो स्ट्रोक एक बार में पूरे होते है । इसीलिए इसे 2 स्ट्रोक इंजन 

 

2 स्ट्रोक इंजन क्या है ? और कैसे कार्य करते है

 

पेट्रोल इंजन की ईधन प्रणाली 

जैसा कि आप सभी जानते हैं को इंटरनल combustion इंजन में फ्यूल के रूप में पैट्रोल और डीजल का प्रयोग किया जाता है और इन ईधनों को इंजन के combustion चेम्बर में जलाकर पावर प्राप्त की जाती है ।

गाड़ियों में फ्यूल को रखने के लिए फ्यूल टैंक का प्रयोग किया जाता है । उसी फ्यूल टैंक से ईधन को इंजन के cumbustion चेम्बर में पहुँचाया जाता है । ये प्रक्रिया ही ईधन प्रणाली कहलाती है 

 

पेट्रोल इंजन की ईधन प्रणाली में निम्नलिखित मुख्य भाग होते हैं 

फ्यूल टैंक –

इसमें ईधन को रखा जाता है । और यहीं से फ्यूल की सप्लाई इंजन के लिए की जाती है । टैंक की धारिता लीटर में होती है । और अलग अलग गाड़ियों में इनकी बनावट कम ज्यादा होती है ।

गाड़ियों में चेसिस के साथ इसे लगाया जाता है । इससे लोहे की मजबूत चादर से बनाया जाता है । ये चौकोर या गोल आकार में बने होते हैं । इनमे फ्यूल रखने की क्षमता अलग अलग होती है ।

इसके ऊपर एक फिलर कैप लगायी जाती है । टैंक के अंदर नीचे की ओर एक गड्डा सा बना होता है । ओर इसमें एक ड्रेन प्लग का प्रयोग भी किया जाता है । फ्यूल भरने के मार्ग में फ़िल्टर का भी प्रयोग किया जाता है ।

टैंक के निचले हिस्से में एक ब्राश यूनियन लगी होती है । जिसमे फ्यूल पम्प अथवा सीधे कारबुरेटर का पाइप जोड़ा जाता है । टैंक के ऊपर वेन्ट होल का प्रबंध भी रहता है । जिससे कि हवा का दबाव पैट्रोल पर पड़ता है । 

 

कारबुरेटर –

कारबुरेटर को एक मेकेनिज्म ही जिसे इंजन में लगाया जाता है । ये पैट्रोल और हवा के मिश्रण को को एक अनुपात में बनाकर आगे इंजन के लिए सप्लाई करता है 

 

फ्यूल फ़िल्टर –

कारबुरेटर से पहले पैट्रॉल को छानने की आवयश्कयता होती जिससे की डस्ट पार्टिकल कारबुरेटर में न जाये इसलिए ईंधन प्रणाली में फ्यूल फ़िल्टर का प्रयोग किया जाता है । जॉज फ्यूल को कारबुरेटर में जाने से पहले फ्यूल को छान के डस्ट पार्टिकल को अलग करता है 

 

फ्यूल पम्प –

इसका कार्य टैंक से फ्यूल खींचना और और उसे प्रैशर से आगे भेजना होता है इनलेट मेनीफोल्ड  यह इनलेट वाल्व से जुड़ा हुआ रहता ही तथा इससे हवा और पैट्रोल का मिश्रण इंजन सिलेंडर में सप्लाई किया जाता है । 

 

एयर क्लीनर –

ईंधन को जलने के लिए उसमें शुद्ध हवा का मिश्रण भी किया जाता है । सिलिये हवा को साफ़ करने के लिए एयर क्लीनर का प्रयोग किया जाता है । जो हवा को साफ़ करके आगे फ्यूल में भेजता है । 

 

फोर स्ट्रोक इंजन क्या है । और कैसे कार्य करता hai

 

पेट्रोल इंजन कैसे काम करता है ?

 

पैट्रोल इंजन में इंजन सिलेंडर के अंदर पैट्रोल और हवा का मिश्रण पहुँचाया जाता है । और फिर उसे कम्प्रेश किया जाता है । फिर उस कम्प्रेश मिश्रण में स्पार्क प्लग के जरिये स्पार्क दिया जाता है । जिससे मिश्रण जल जाता है । और गैसें फ़ैल जाती हैं । जिससे पावर प्राप्त होती है ।

  पैट्रोल इंजन और डीजल इंजन एक ही सिद्धांत पर कार्य करते हैं । पर पैट्रोल इंजन में कुछ बदलाव रहते हैं । जैसे

 

स्पार्क इग्निशन –

पैट्रोल इंजन में फ्यूल को जलने के लिए स्पार्क यानी चिंगारी का प्रयोग किया जाता है । जब पिस्टन कम्प्रेशन स्ट्रोक में होता है । तो उस समय स्पार्क पलग के जरिये एक चिंगारी मिश्रण में लगायी जाती है । जिससे मिश्रण जल जाता है । 

 

सक्शन स्ट्रोक –

पैट्रोल इंजन में  सक्शन स्ट्रोक के समय cumbustion  चेम्बर में हवा और पैट्रोल का मिश्रण एक साथ आता है । 

पैट्रोल इंजन में फ्यूल कारबुरेटर से इनलेट के माध्यम से कंबस्शन चेम्बर में आता है । कारबुरेटर ही पैट्रोल की कुछ मात्रा और हवा की कुछ मात्रा को मिश्रित करता है । और फिर उसे आगे भेजता है ।

 

कम्प्रेशन स्ट्रोक –

ये इंजन का दूसरा स्ट्रोक होता है । इसमें हवा और पैट्रोल का जो मिश्रण सक्शन स्ट्रोक से आता है । कम्प्रेश होता है  जिससे मिश्रण combustion चेम्बर मैं बहुत अधिक गर्म होता है । और ज्वलनशील स्तिथि में आ जाता है ।

 

पावर स्ट्रोक 

कम्प्रेशन स्ट्रोक के समय जो मिश्रण combustion चेम्बर में ज्वलनशील स्तिथि में रहता है । उसी समय उसमें स्पार्क प्लग एक चिंगारी देकर उसे जलाता  है । जिससे  पिस्टन को धक्का लगता है । जिससे पावर प्राप्त होती है।  और वही पावर क्रैंक शाफ़्ट को घुमाती है । 

 

एग्जॉस्ट स्ट्रोक

ये इंजन का अंतिम स्ट्रोक होता है । इसमें पावर स्ट्रोक के समय जो गैसें फ़ैल जाती है । उन्हें इंजन के एग्जॉस्ट वाल्व से साइलेंसर के माध्यम से बाहर निकाला जाता है ।

इस प्रकार पैट्रोल इंजन एक साइकिल के रूप में कार्य करता है ।  ये दिसेल इंजन के सामान ही कार्य करता है । पर इसमें फ्यूल के रूप में पैट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है । और डीजल इंजन के मुकाबले इसमें कुछ भागों में बदलाव रहता है ।

अभी आपने जाना कि पैट्रोल इंजन क्या है और ये किस प्रकार से  कार्य करता है ।  दोस्तों आप को ये पोस्ट कैसी लगी अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें और इस पोस्ट को औरों के साथ भी साझा करें तथा हमें FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें 

धन्यवाद 

 

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