डीजल इंजन क्या है ? और कैसे कार्य करता है

 

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नई पोस्ट में क्या आप जानते हैं की डीजल इंजन क्या है । और ये कैसे कार्य करता है । आज हम जानेंगे डीजल इंजन क्या है और कैसे कार्य करता है तो चलिए जानते  हैं डीजल इंजन के बारे में विस्तार पूर्वक

डीज़ल इंजन

जैसा की नाम से ही प्रतीत हो रहा है । इस प्रकार के इंजन में फ्यूल के रूप में डीजल का प्रयोग किया जाता है । ये इंटरनल combustion इंजन का प्रकार है और इसे  सामान्यतः कम्प्रैशन इग्निशन इंजन भी कहा जाता है क्यूंकि इसमें इंजन सिलेंडर में शुद्ध हवा को कम्प्रेश करके के उस पर फ्यूल  को छिड़क कर जलाया जाता है ।

इस प्रकार के इंजन में ईधन के रूप में एक मोटा तेल का प्रयोग किया जाता है । जिसका नाम आविष्कारक के नाम पर डीजल रखा गया है । इस आयल से चलने वाले इंजन को प्रायः डीजल इंजन कहा जाता है । इस इंजन में न तो कारबुरेटर का प्रयोग किया जाता है । और न ही बैटरी की सहायता से फ्यूल को स्पार्क देकर जलाया जाता है । इस में कुछ बातें निम्नलिखित है

  • इसमें फ्यूल को जलने के लिए केवल इंजन सिलेंडर में दबी हुई शुद्ध हवा के उच्च तापक्रम का प्रयोग किया जाता है ।
  • इंजन सिलेंडर में जहाँ हवा अत्यधिक गर्म रहती है । सीधे ईंधन इंजेक्ट किया जाता है

2 स्ट्रोक और 4 स्ट्रोक इंजन में क्या अंतर है

डीजल इंजन का अविष्कार किसने किया

लगभग सन 1900 में डॉ रुडोल्फ डीजल ने ये कैलकुलेशन किया कि यदि किसी सिलेंडर में 300 पौंड प्रति वर्ग इंच के दबाव से दबाया जाता है । तो दबी हवा 38digree तक हो जाता है ।

और यदि इस दबी हुई हवा पर कोई आयल स्प्रे किया जाए तो वो जल जायेगा । इस खोज से ही डीजल इंजन का अविष्कार हुआ । और इस इंजन को डॉ रुडोल्फ डीजल के नाम पर ही रखा गया ।

डीजल इंजन की कार्य प्रणाली

इसमें हवा का दबाव सामान रहता है । इस प्रायः सभी भाग लगभग स्पार्क इग्निशन इंजन के जैसे ही होते है । केवल फ्यूल सप्लाई में अंतर रहता है । डीजल इंजन भी सक्शन , कम्प्रैशन पावर एग्जॉस्ट स्ट्रोक के सिद्धांत पारा कार्य करता है ।

डीजल इंजन में भी कम्प्रैशन लगभग पैट्रोल इंजन के सामान है । पर इस इंजन में उच्च दाब और ताप के लिए कम्प्रैशन अनुपात 1:12 से 1:22 तक रहता है । इतने अधिक अनुपात पर जब हवा दबती है

तो कम्प्रैशन चैम्बर में दाब लगभग 380 पौंड पार्टी वर्ग इंजन से 550 पौंड पार्टी वर्ग इंच तक होता है हवा पर दाब के कारण तापक्रम 660 से 800 तक होता है । और ये तापक्रम डीजल के जलने के तापक्रम से बहुत अधिक होता है ।

डीजल के 300 से 350 के तापकर्म पर ही जल जाता है । डीजल आयल को इंजेक्टर के माध्यम से लगभग 1500 पौंड से 2500 पौंड पार्टी वर्ग इंच के बहुत उच्च दाब पर स्प्रे किया जाता है ।

इस फ्यूल पम्प से जुड़ा रहता है । गर्म हवा के संपर्क में आते ही डीजल आयल जल जाता है । जिसके कारण जजी गैसें फ़ैल जाती है । और उस समय उन गैसों का दबाव लगभग 700 पौंड से 950 पौंड प्रति वर्ग इंच हो जाता है ।

जिससे पिस्टन को धक्का लगता है । और पिस्टन को  मिली पावर के कारण क्रैंक शाफ़्ट और फ्लाई व्हील को घुमाती है ।  और इस पावर को आगे ट्रांसमिट किया जाता है ।

फोर स्ट्रोक इंजन क्या है । और कैसे कार्य करता hai

फोर स्ट्रोक डीजल इंजन की कार्यप्रणाली

1 . सक्शन स्ट्रोक

इसे प्रथम स्ट्रोक कहा जाता है । इसमें इंजन के सिलेंडर का इनलेट वाल्व खुला रहता है । और डीजल तथा हवा का ताजा मिश्रण इंजन के सिलेंडर में प्रवेश करता है । इस स्तिथि में पिस्टन T.D.C से B.D.C तक चलता है । पिस्टन के B.D.C पर पहुँचने से सिलेंडर में  सक्शन या चूस पैदा होती है । तथा इनलेट मेनिफोल्ड से साफ़ हवा सिलेंडर में भर जाती है ।

2 . कम्प्रैशन स्ट्रोक

इसमें पिस्टन B.D.C से T.D.C तक चलता है । तथा इस स्तिथि में सक्शन स्ट्रोक के समय खुला हुआ इनलेट वाल्व बंद हो जाता है । पिस्टन के T.D.C तक जाने से सिलेंडर में आयी हुई हवा पर दबाव पड़ता है । और उस हवा को कही निकलने के लिए मार्ग नहीं मिलता है । अतः हवा हवा कम्प्रेश होकर बहुत गर्म हो जाती है ।

3 . पावर स्ट्रोक

COMBUSTION  चेंबर में दबी हुई हवा का तापक्रम डीजल के जलने के तापक्रम से बहुत अधिक होता है । इस समय फ्यूल इजेक्शन पम्प की मदद से इंजेक्टर के द्वारा डीजल का स्प्रे किया जाता है । गर्म हवा से संपर्क में आते ही डीजल जल जाता है । 

और जाली गैसें फ़ैल जाती हैं गैसों के फैलते ही पिस्टन को धक्का लगता है । और वह T.D.C से B.D.C तक चलता है । और इसी पावर से ही एक और  के जरिए क्रैंक शाफ़्ट घूमती है । जिससे पावर प्राप्त होती है । और इस पावर को आगे ट्रांसमिट किया जाता है । पिस्टन को मिली ये पावर क्रैंक शाफ़्ट और फ्लाई व्हील को घुमाती है ।

एग्जॉस्ट स्ट्रोक

ये पिस्टन का आखरी स्ट्रोक होता है । पावर स्ट्रोक के बाद इंजन के combustion  चेम्बर में जो मिश्रण जलता है । उसे इंजन से बाहर निकाला जाता है । इस स्ट्रोक में पिस्टन के B.D.C तक आने से पहले एग्जॉस्ट वाल्व खुल जाता है । पिस्टन वापस B.D.C से T.D.C तक चलता है । और सिलेंडर में  जली हुई गैसें एग्जॉस्ट वाल्व से एग्जॉस्ट मेनिफॉल्ड से होकर साइलेंसर के माध्यम से बाहर निकल जाती हैं । 

इस प्रकार से डीजल इंजन में सभी स्ट्रोक और इंजन का साइकिल पूरा होता है । डीजल इंजन से पावर प्राप्त की जाती है । डीजल इंजन का प्रयोग बहुत अधिक किया जाता है । और ऑटोमोबाइल के अलावा इसका प्रयोग अन्य जगह भी किया जाता है । 

 

 

अभी आपने जाना कि डीजल इंजन क्या है । ये किस प्रकार से कार्य करता है ।  आप सब को ये पोस्ट कैसी लगी अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें ।और इस पोस्ट को ोरों के साथ साझा करें तथा।हमें INSTAGRAM और  FACEBOOK पर जरूर FOLLOW करना न भूलें 

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