डिस्क ब्रेक क्या है? और ये कैसे काम करता है

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में इस पोस्ट में हम जानेंगे कि गाड़ियों में डिस्क ब्रेक क्या होता है । और ये किस प्रकार से कार्य करता है । और कितने प्रकार के होते हैं । तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये ब्रेक क्या होता है 

डिस्क ब्रेकडिस्क ब्रेक क्या है 

आज के बदलते दौर में डिस्क ब्रेक का ऑटोमोबाइल में उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है । और  बहुत कुशल  ब्रेक का उपयोग धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है जिसमें मुख्य रूप से शामिल है 

इसका प्रयोग टू व्हीलर तथा फोर व्हीलर में अभी तक छोटी गाड़ियों में किया जाता है

इस प्रकार के ब्रेक  किसी भी स्तिथि में और बहुत ही काम समय में मोटर गाडी को शीघ्र ही रोक देता है । जब भी ब्रेक दबाया जाता है तो मास्टर सिलेंडर के रिजर्वायर में स्थित ब्रेक आयल ब्रेक लाइन के जरिये व्हील में लगे ब्रेक पैड तक बहुत फ़ोर्स से जाता है ।

और ब्रेक आयल के दबाव के कारण ब्रेक पैड सक्रिय अवस्था में आ जाते हैं ।

अब सवाल ये है कि आखिर इस  सिस्टम में ब्रेक पर हल्के से दवाव से ही आखिर गाडी कैसे रूक जाती है । इसका श्रेय पास्कल सिद्धांत को जाता है ।

ब्रेक सिस्टम क्या है कैसे कार्य करता है और इसके प्रकार

डिस्क ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करता है

यह सिस्टम  पास्कल के सिद्धांत पर कार्य करता है । अथार्त  जब ब्रेक दबाया जाता है तो उस समय मास्टर सिलेंडर में लगा पिस्टन स्प्रिंग की सहायता से मूव करता है । जिससे ब्रेक आयल में दबाव उत्पन्न होता है । और ब्रेक आयल ब्रेक लाइन के जरिये पहिये में लगे डिस्क से सटे पिस्टन पर दबाव बनता और ये पिस्टन डिस्क पैड पर  दबाव बनाता है ।

पास्कल सिद्धांत के अनुसार अगर दोनों पिस्टनों पर सामान दबाव है । तो पिस्टनों के क्षेत्रफल के कारण मास्टर सिलेंडर में लगे पिस्टन पर लगाया गया बल डिस्क पैड पर कई गुना बढ़ जाता है ।

और ब्रेक पैड आगे बढ़कर ब्रेक डिस्क को दबा देता है । और परिणाम स्वरुप पहिया रूक जाता है । इस वव्यस्था में ब्रेक डिस्क पर पिस्टन सिर्फ एक ही तरफ लगे होते हैं । तब दूसरी तरफ के डिस्क पैड कैसे कार्य करते हैं ।

तो इसके लिए इसमें फ्लोटिंग कैलिपर मैकेनिज़्म का प्रयोग किया जाता है । जो फ्लोटिंग अथवा मूविंग अवस्था में रहता है । और विपरीत दिशा में बल लगता है । ब्रेक लगते समय दोनों तरफ एक साथ प्रतिक्रिया होती है । और दोनों के बीच एक घर्षण बल लगता है ।

ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन सिस्टम क्या होता है

जिससे दोनों ब्रेक पैड एक साथ डिस्क को जकड लेते हैं । पर इस घर्षण बल के कारण

मोटर बाइकों में डिस्क के चारों ओर हवा के प्रवाह के कारण इसे नियंत्रित किया जा सकता है । पर कारों में तापमान नियंत्रित करने के लिए हवा के अधिक प्रवाह तथा क्षेत्रफल वाली सतह बहुत आवश्यक है ।

इसी कारण कारों की डिस्क में वेन्स लगे होते हैं । वेन्स हवा को किरणों की तरह फैलाकर बाहर फेंकने में सहायता करते हैं । डिस्क के चरों ओर बने छिद्र हवा के प्रसार को चारों ओर अधिक बनाते हैं

डिस्क ब्रेक कैसे काम करता है

इस  ब्रेक सिस्टम  के लिए बाइक में ब्रेक लीवर और चार पहियों की गाडी में ब्रेक पैडल का प्रयोग किया जाता है । पैडल या लीवर परस्पर एक आयल फील्ड टैंक से जुड़ा रहता है । इस आयल टैंक को प्रेशर ट्यूब के माध्यम से ब्रेक पैड तक जोड़ा जाता है । और ब्रेक पैड को एक डिस्क से जोड़ा जाता है । जब भी पैडल या लीवर को प्रेश किया जाता है । तो एक प्रेशर उत्पन्न होता है । और आयल टैंक से वाल्व जुड़ा होने से जब इस वाल्व पर प्रेशर पड़ता है । तो एक टैंक में स्तिथ आयल को धक्का देता है । और ये प्रेश आयल जाकर ब्रेक पैड को धक्का देता है । और ब्रेक पैड डिस्क को जकड लेते हैं जिससे पहिया रूक जाता है । 

डिस्क ब्रेक कितने प्रकार के होते हैं

ये  ब्रेक दो प्रकार के होते हैं –

  • फिक्स्ड कैलिपर डिस्क ब्रेक – इस प्रकार के ब्रेक सिस्टम में । चार पिस्टनों का प्रयोग किया जाता है । इनकी एक विशेषता है कि चारों पिस्टनों का दबाव पहिये पर पड़ता है । दो पिस्टन एक तरफ से और दो पिस्टन एक तरफ से डिस्क पर दबाव डालते हैं । इसका फायदा यह है । कि पैडों पर अधिक दबाव दोनों तरफ पड़ता है 

 

  • फ्लोटिंग कैलिपर डिस्क ब्रेक – इस सिस्टम में एक या दो सिलेंडर प्रयोग किये जाते हैं । एक पाइप के जरिये दोनों व्हील आपस में मिले रहते हैं । इन पिस्टनों के दबाव से ब्रेक पैडल दबते हैं । जो  डिस्क के दोनों और लगे रहते हैं । ब्रेक पैडल दबाने से हाइड्रोलिक प्रेशर से पैड घूमती हुई डिस्क को घर्षण के कारण रोकते हैं । इस स्तिथि से पहिया धीमा होकर रूक जाता है । 

फ्लोटिंग टाइप  ब्रेक के लाभ

  • फ्लोटिंग टाइप डिस्क ब्रेक में ब्रेक लगाने पर डिस्क अपेक्षाकृत कम गर्म होती है 
  • इस प्रकार के ब्रेक सिस्टम की बनावट भी सरल होती है ।
  • इस प्रकार के सिस्टम में ब्रेक को एडजस्ट करने की आवश्यकता बहुत कम होती है 
  • इस प्रकार के सिस्टम में ब्रेक पैड बदलना आसान होता है 

फ्लोटिंग टाइप  ब्रेक की कुछ कमियां

  • इस प्रकार के ब्रेक सिस्टम में । ब्रेक अप्लाई करने के लिए ब्रेक पैडों पर अधिक दबाव देने की आवश्यकता होती है 
  • इस प्रकार के ब्रेक सिस्टम में ब्रेक पैड जल्दी घिस जाते हैं 

डिस्क ब्रेक के कुछ अन्य तथ्य

  • इस प्रकार ब्रेक ग्रे कास्ट आयरन से बनाया जाता है ।
  • ब्रेक के ब्रेक पैड मोटे बनाये जा सकते हैं । जो अधिक समय तक चल सकते हैं ।
  •  ब्रेक को सरल रूप से डिज़ाइन किया जाता है ।
  • इस  ब्रेक का भार कम होता है ।
  • इस ब्रेक के पैड सरलता से बदले जा सकते हैं ।

 

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धन्यवाद

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