गेज क्या है ? और कितने प्रकार के होते हैं

गेज

 

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में क्या आप जानते हैं ऑटोमोबाइल क्षेत्र में गाड़ियों में कई प्रकार की नाप की जाती है । और कई नाप कठिन होती हैं । जिसके लिए कुछ विशेष प्रकार के गेजों का प्रयोग किया जाता है । इस पोस्ट में उन्ही के बारे में बात करने वाले हैं । कि गेज क्या होता है  । कैसे कार्य करता है । और गेज कितने प्रकार के होते हैं । तो चलिए देर न करते हुए जानते हैं । इसके बारे में

 

 

गेज क्या है ?

जैसा कि आप सभी जानते हैं । कि ऑटोमोबाइल में गाड़ियों का निर्माण होता है । और गाड़ियों में अनेक पार्ट्स में कई  प्रकार की ज्यामिति का प्रयोग किया जाता है ।

जिसके लिए ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कई प्रकार के गेज का प्रयोग किया जाता है । जिसका काम होता है । गाड़ियों के कई पार्ट्स के सही से ज्यामिति करना साथ ही गाड़ियों में कई ऐसे पार्ट्स होते है ।

जिनमे सूक्ष्म माप की आवयश्कता होती है । जिसके लिए विशेष प्रकार के गेजों का प्रयोग भी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में किया जाता है । गेज से आप समझ सकते हैं ।

ये एक माप यन्त्र है । गेज भी कई प्रकार के होते हैं । जिनके बारे में हम आगे चर्चा कर रहे है । तो चलिए अब जानते हैं कि गेज कितने प्रकार के होते हैं ।

 

बैटरी इग्निशन सिस्टम क्या है ? जाने हिंदी में

Gauge  कितने प्रकार के होते हैं ?

तो चलिए अब जानते हैं । कि गेज कितने प्रकार के होते हैं । एक ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कई प्रकार के गेजों का प्रयोग किया जाता है । हम आगे कुछ गेजों के बारे में चर्चा कर रहे हैं । जो निम्नलिखित हैं –

 

वायर गेज –

 

इस प्रकार के गेज का प्रयोग तार और साथ ही चादरों की मोटाई मापने के लिए किया जाता है । इसकी बनावट आयताकार या गोल होती है । और इसे स्टील की प्लेट से बनाया जाता है ।

इसमें परस्पर अलग अलग प्रकार की झिर्री काटी जाती है । जिनके सिरे पर क्षेद बने होते हैं । और इन्ही झिर्री और होल्स पर माप के रूप में नंबर लिखे रहते हैं । इन नम्बरों को स्टेंडर्ड वायर नंबर गेज कहलाते हैं ।

 

 

सिलेंडर गेज –

 

इस प्रकार के गेज का प्रयोग इंजन के सिलेंडर की घिसावट को मापने के लिए किया जाता है । ये दिखने में किसी घडी के समान प्रतीत होता है । इसमें एक छड़ और एक दबाने वाली पिन का प्रयोग किया जाता है ।

जिसके माध्यम से  लगभग 0.006 तक शुद्धता के साथ घिसावट नापी जा सकती है । इसका दूसरा नाम डायल टैस्ट इंडिकेटर भी है । इसमें कुछ अन्य भाग भी होते हैं जो निम्नलिखित होते हैं –

  • डायल
  • केस या हाउसिंग
  • प्लंजर
  • कवर
  • डस्ट कैप
  • बेजल
  • कॉन्टैक्ट पॉइंट

गाडी की बैटरी क्या होती है ? कार्य और प्रकार

डायल गेज कैसे कार्य करता है ?

चलिए अब जानते है कि डायल गेज कैसे कार्य करता है । डायल गेज में एक इंडिकेटर का प्रयोग किया जाता है । जिसके स्टैम में एक प्लंजर लगा होता है ।

और इस प्लंजर के मध्य में  1 mm का एक रैक पिच लगा दिया जाता है । तथा इस रैक में एक छोटे गियर का प्रयोग किया जाता है । जिसमें 10 दांतें होती हैं ।

ये गियर एक शाफ़्ट के जरिये लगा होता है । तथा इसी शाफ़्ट पर एक अन्य गियर का प्रयोग भी किया जाता है । जिसमें लगभग 100 गियर कटे होते हैं । इसके साथ हे दूसरा गियर लगा होता है ।

और इसकी धुरी पर एक सुई का प्रयोग किया जाता है । एक डायल गेज पर 0 से 100 तक निशान एक बराबर दूरी पर बने होते हैं । तथा रैक को पुनः वापस लाने के लिए एक स्प्रिंग का प्रयोग किया जाता है ।

जब कभी भी गेज के माध्यम से माप की जाती है । तब गेज के स्पर्श से माप वाले बिंदु पर एक दबाव पड़ता है । तब रैक ऊपर नीचे चलने लगता है । और जब रैक का एक दांत ऊपर नीचे होता है ।

तो गियर का भी एक दांत इसके साथ गति करता है । मतलब रैक का पूरा उठने या फिर बैठने से गियर का एक चक्कर पूरा हो जाता है । जिससे गियर एक चक्कर पूरा घूम जाता है ।

गेज में जिस गियर में 100 दांतों का प्रयोग किया जाता है । वह गियर छोटे गियर को लगभग दस चक्कर घुमा देता है । इस कारण ये है । कि छोटे गियर में 10 दांतों का प्रयोग किया जाता है । जिससे ये पता चलता है । कि रैक 10 mm उठता है या बैठता है । 

 

 

फिलर गेज –

इस प्रकार के गेज का प्रयोग किसी पार्ट्स के छोटे से छोटे गैप को मापने के लिए किया जाता है । ऑटोमोबाइल में इस प्रकार के गेज का प्रयोग अधिक किया जाता है ।

ये देखने में एक लोहे की पट्टी के सामान प्रतीत होता है । इस गेज में कई पत्तियां लगी होती हैं । जिन्हें स्टील से बनाया जाता है । और ये अल्स्ग अलग मोटाई की होती हैं । इनमें मापक इकाई इंच या मीमी0 में लिखी होती हैं । 

 

 

स्क्रू पिच गेज –

इस प्रकार के गेज का भी प्रयोग भी ऑटोमोबाइल में अधिक किया जाता है । एक गाडी में कई नट बोल्टों का प्रयोग किया जाता है । और आप सभी अच्छे से जानते होंगे कि इन नट बोल्टों में चूड़ियां कटी होती हैं ।

इन नट बोल्टों में अंदर या बाहर के भागों में चूड़ियां कटी होती हैं । इन नट बोल्टों में एक इंच में कितनी चूड़ियां कटी है । ये जानने के लिए स्क्रू पिच गेज का प्रयोग किया जाता है । ये भी दिखने में किसी लोहे की पत्ती के सामान प्रतीत होता है ।

इसके दोनों सिरों पर कई पत्तियां लगी होती है । जिनमें कई सारी लोहे की पत्तियां लगी होती है । और इनमें अलग अलग माप के खांचे कटे होते हैं । इन्ही के जरिये नट हो या फिर बोल्ट उसकी चूड़ियों पर इसे रखकर ये मापा जाता है । कि एक इंच में कितनी चूड़ियां कटी हैं । और किस प्रकार से कटी हैं 

 

 

आपने अभी जाना कि गेज क्या होता है । और इसके कितने प्रकार होते हैं । और ये किस प्रकार से कार्य करता है । और इसकी बनावट कैसी होती है । और गाड़ियों में इसकी क्या भूमिका होती है । उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आयी हो आपको ये पोस्ट कैसी लगी अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें । और इस पोस्ट को औरों के साथ भी साझा करें और हमें FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें 

धन्यवाद 

 

Please follow and like us:

Leave a Comment

Your email address will not be published.