कैम शाफ़्ट क्या है ? कैसे कार्य करती है

कैम शाफ़्ट

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में क्या आप जानते हैं कि कैम शाफ़्ट क्या है । और इंजन में इसकी क्या भूमिका है । आज हम जानेंगे कैम शाफ़्ट के बारे मैं 

कैम शाफ़्ट क्या है

कैम शाफ़्ट का प्रयोग इंजन में किया जाता है । शाफ़्ट की बनावट लगभग सीधी होती है । एक इंजन में जितने वाल्वों की संख्या होती कैम भी उतनी ही बड़ी होती है ।

इसका प्रयोग इंजन के वाल्वों को खोलने और बंद करने के लिए किया जाता है । कैम पर लोब बने होते हैं । और जब ये लोब ऊपर की तरफ जाते हैं ।

तो इनलेट वाल्व और एग्जॉस्ट वाल्व पर ये दबाव डालते हैं । जिससे वाल्व खुलते हैं । कैम के लोब इंजन फायरिंग आर्डर के अनुसार क्रम से अलग अलग दिशाओं में बानी होती है ।

इनके बीच में एक स्क्यू गियर बना होता है । जिससे आयल पंप , डिस्ट्रीब्यूटर चलाया जाता है । इसके अतरिक्त पैट्रोल इंजन की कैम शाफ़्ट पर आगे की ओर एक इक्क्सेंट्रिक कैम कुछ बड़ी नाप में बनी होती है ।

इस इक्क्सेंट्रिक कैम द्वारा मेकेनिकल फ्यूल पंप को चलाया जाता है । कैम शाफ़्ट इंजन के निचले भाग में क्रैंक शाफ़्ट के समान्तर प्रायः फिट होती है ।

ताकि ये सरलता से घूम सके इसके लिए शाफ़्ट के अगले पिछले सिरे के अतरिक्त जरूरत के अनुसार बीच में ही बियरिंग जनरल फिट की जाती है ।

ये जनरल गन मैटल के बुश में घुमते हैं जो इंजन ब्लॉक में फिट रहते हैं । कैम शाफ़्ट को क्रैंक शाफ़्ट के द्वारा चलाया  जाता है । ओर ये क्रैंक शाफ़्ट के मुकाबले आधी स्पीड पर चलती है 

सुपरचार्जर क्या है ? supercharger in hindi

Cam शाफ़्ट की बनावट

Cam shaft पर इंजन के वाल्वों की संख्या अनुसार कैम लगी होती हैं । प्रत्येक वाल्व के लिए एक कैम लगायी जाती है । ये कैम इंजन के फायरिंग आर्डर के अनुसार व्यस्थित होते हैं ।

वहीँ कैम शाफ़्ट में कैम एक निश्चित कोण पर लगे होते हैं । जिससे कि इंजन की फायरिंग के अनुसार वाल्वों को खोला ओर बंद किया जा सके सामान्यतया इंजन में एक कैम का प्रयोग किया जाता है ।

पर कुछ इंजनों में जैसे कि T  हैड इंजन ओर V 8 इंजनों में एक के स्थान पर दो कैम का प्रयोग किया जाता है । कैम के अगले सिरे पर बियरिंग भी जुड़े होते हैं । तथा साथ ही आयल पंप ओर फ्यूल पंप को चलने के लिए भी गियर लगे होते हैं । 

wankel engine क्या है ? जाने हिंदी में

कैम शाफ़्ट कैसे काम करती है

एक इंजन में या आवयश्यक होता है इंजन वाल्व समय पर खुले ओर फिर तुरन्त बंद हो जाये ओर ये तभी संभव हो पाता है । जब Cam shaft ओर क्रैंक शाफ़्ट को इस प्रकार व्यस्थित किया जाता है ।

कि जब किसी सिलेंडर का पिस्टन सक्शन शुरू करने से पूर्व T.D.C पर हो तो उस समय सिलेंडर का इनलेट वाल्व खुला होना चाहिए जैसे कि आप जानते हैं

कि कैम शाफ़्ट को पावर क्रैंक शाफ़्ट से मिलती है । ओर क्रैंक शाफ़्ट के दो चक्कर पूरे होने पर प्रत्येक वाल्व एक बार खुलता है । ओर बंद होता है । ओर क्रैंक शाफ़्ट के दो चक्कर घूमने पर कैम शाफ़्ट का एक चक्कर पूरा होता है ।

आपको ये बता दें कि कैम शाफ़्ट को तीन प्रकार से ड्राइव दी जाती है । 

गियर ड्राइव – इसका प्रयोग मुख्यतः तब किया जाता है । जब क्रैंक शाफ़्ट ओर Cam shaft बहुत निकट होती हैं । इस वयवस्था में क्रैंक ओर कैम एक दूसरे के विपरीत में घूमती हैं । ओर इन्हें समान दिशा में चलाने के लिए दोनों गियरों के बीच में एक आइडियल गियर का प्रयोग किया जाता है । 

चैन ड्राइव – इसका प्रयोग उस स्तिथि में किया जाता है । जिसमें क्रैंक शाफ़्ट और कैम शाफ़्ट के बीच की दूरी अधिक होती है । इसमें चैन स्प्रोकेट के द्वारा कैम शाफ़्ट गियर को क्रैंक शाफ़्ट के गियर द्वारा ड्राइव दी जाती है । इसमें दोनों गियर समान दिशा में घूमते हैं । ओर साथ ही चैन को ढीला होने से रोकने के लिए चैन टैन्शनर का प्रयोग किया जाता है । 

बेल्ट ड्राइव – ये भी लगभग चैन ड्राइव के समान ही होता है । पर इसमें चैन के स्थान पर बेल्ट का प्रयोग किया जाता है । ओर क्रैंक शाफ़्ट के गियर द्वारा Cam shaft के गियर को ड्राइव दी जाती है । इसका प्रयोग अधिकतर ओवर हैड यानी इंजन के हैड में लगी हो इस प्रकार के डिज़ाइन किया जाता है । इसमें भी Cam shaft ओर क्रैंक शाफ़्ट एक ही दिशा में घूमते हैं 

 

Cam shaft कैसे फिट की जाती है

इंजन वाल्वों को कैम शाफ़्ट के अनुसार फिट करना वाल्व की टाइमिंग सेट करना कहते हैं । इसमें इंजन बनाने वाली कंपनियां अपना मार्क लगा देती हैं । इन मार्क को को मिलकर क्रैंक शाफ़्ट ओर कैम शाफ़्ट को मिलाने से वाल्व की टाइमिंग सही से फिट हो जाती है ।

जब भी इंजन को ओवरहालिंग के लिए खोला जाता है । तो टाइमिंग गियर पर मार्क देखना आवश्यक होता है । अगर पहले से मार्किंग नहीं है तो उस स्तिथि में उस पर मार्किंग करनी आवश्यक होती है ।

इससे इंजन फिट करते समय को परेशानी नहीं होती है । ओर यदि कोई खुला हुआ इंजन फिट करना है तो ओर उस पर मार्किंग नहीं है । तो उस स्तिथि में पहले सिलेंडर के पिस्टन को T.D.C पर  फिक्स कर लें ।

फिर कैम को इस प्रकार लगाए कि पहले सिलेंडर के वाल्वों को इस प्रकार रखे कि अगर कैम को एक ओर घुमाएं तो इनलेट वाल्व खुले ओर दूसरी ओर घुमाएं

तो एग्जॉस्ट वाल्व खुले ओर साथ ये ध्यान रखने कि क्रैंक शाफ़्ट ओर कैम शाफ़्ट को मिलाते समय गियर के दांतों में अगर एक भी दांत का अंतर आता है ।

तो उस स्तिथि में वाल्व अपने निश्चित समय पर नहीं खुलेंगे ओर न ही बंद होंगे जिससे इंजन या तो स्टार्ट नहीं होगा या फिर ठीक से नहीं चलेगा  

 

कैम शाफ़्ट किस धातु से बनी होती है

कैम शाफ़्ट मुख्यतः कार्बन स्टील को फोर्ज करके बनी होती है । ओर शाफ़्ट को ख़राब होने से बचाने के लिए इसकी सतह पर हार्डनिंग की जाती है । 

 

आपने अभी जाना कि कैम शाफ़्ट क्या होती है । ओर कैसे कार्य करती है । आपको ये पोस्ट कैसे लगी । अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें । तथा कृपया इस पोस्ट को औरों के साथ भी साझा करें औऱ हमें FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें 

धन्यवाद 

Please follow and like us:

Leave a Comment

Your email address will not be published.