कूलिंग सिस्टम क्या है ? और कैसे कार्य करता है

कूलिंग सिस्टम

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में आज हम जानेंगे कि इंजन में कूलिंग सिस्टम क्या है । और  गाड़ियों में  इसकी आवश्यकता क्यों होती है । और ये कैसे कार्य करता है । और कितने प्रकार के होते हैं । तो चलिए देर न करते हुए जानते हैं इसके बारे में

 

कूलिंग सिस्टम क्या है

जैसा कि आप सभी भली भाँती जानते हैं कि इंजन के combustion में फ्यूल जलता है । जिससे इंजन का तापमान बढ़ता है । और ये लगभग 22000c से 25000c तक होता है । और इस तापमान के चलते इंजन और उसमें लगे पार्ट्स अत्यधिक गर्म हो जाते है । इसलिए इंजन के तापमान को कम करने के लिए और इंजन को ऑपरेटिंग टेम्प्रेचर पर रखने के लिए इंजन में कूलिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है । जो इंजन के तापमान को नियंत्रित करता है । और इंजन को एक ऑपरेटिंग टेम्प्रेचर पर बनाये रखता है । जिससे कि इंजन सही से चलता रहे 

इंजन गवर्नर क्या है ? और कितने प्रकार के होते हैं

cooling system की आवश्यकता

गाड़ियों में ऊष्मा इंजन ( HEAT ENGINE ) का उपयोग किया जाता है । और अभी आपने जाना कि इंजन के सिलेंडर में फ्यूल को जला करके पावर प्राप्त की जाती है । इसी में इंजन साइकिल के अन्तर्गत फायरिंग के समय बहुत गर्मी बढ़ जाती है । जिससे इंजन में लगे पिस्टन , सिलेंडर , COMBUSTION चेम्बर जैसे पार्ट्स भी गर्म हो जाते हैं । और इनका आयतन बढ़ जाता है । जिससे सभी पार्ट्स सुगमतापूर्वक नहीं चल पाते हैं । और कभी कबार अपने ही स्थान पर जाम हो जाते हैं । इसलिए ये आवश्यक होता है कि इंजन के तापमान को नियंत्रित किया जाए  । इसीलिए इंजन में कूलिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है ।

कैम शाफ़्ट क्या है ? कैसे कार्य करती है

कूलिंग सिस्टम का कार्य

एक इंजन में कूलिंग सिस्टम का मुख्य कार्य होता है । तापमान को नियंत्रित करके उसे ऑपरेटिंग टेम्प्रेचर पर बनाये रखना । क्यूंकि एक इंजन को कार्य करने के लिए न अधिक गर्म होना चाहिए और न ही अधिक ठंडा होना चाहिए यदि इंजन में कूलिंग सिस्टम नहीं होगा तो इंजन ओवर हीट हो जाता है । जिससे बहुत सारे नुक्सान हो सकते हैं ।

जैसे इंजन के पार्ट्स सिलेंडर , वाल्व , पिस्टन , अत्यधिक तापमान के कारण फैलने लगते हैं । और इनकी बनावट में भी बदलाव हो सकता है । जिससे ये टेढ़े हो सकते हैं । और इनके आयतन में वृद्धि के कारण ये सीज होते हैं । साथ ही इंजन में अधिक गर्मी से इंजन वाल्व जल सकते है । और साथ ही  डेटोनेशन , प्री इग्निशन , नॉकिंग , जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं । तापमान बढ़ने से इंजन में स्तिथ लुब्रिकेटिंग आयल भी पतला हो जाता है । और इंजन के चलते हुए पार्ट्स के बीच अधिक फ्रिक्शन बढ़ने से ये जल्दी घिस जाते हैं । और इससे इंजन की एफिसिएंसी और ईंधन पर भी प्रभाव पड़ता है ।

कूलिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते हैं

कूलिंग सिस्टम में इंजन की गर्मी को किसी कूलिंग मीडिया के द्वारा बाहर वातावरण में छोड़ दिया जाता  है । ये कूलिंग मीडिया हवा ओर पानी होता है इसी आधार पर कूलिंग सिस्टम दो प्रकार के होते हैं 

1 . Air Cooling System  

2 . Water Cooling System  

अभी आपने जाना कि कूलिंग सिस्टम क्या है और ये किस प्रकार कार्य करता है । आपको  ये पोस्ट आपको कैसी लगी अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें । और इस पोस्ट को औरों के साथ साझा करें और हमें FACEBOOK और INSTAGRAM पर जरूर फॉलो करें 

धन्यवाद 

 

Please follow and like us:

Leave a Comment

Your email address will not be published.