ic engine क्या है? और कितने प्रकार के होते हैं

ic engineहेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का एक और नयी पोस्ट में क्या आप जानते हैं। कि इंजन क्या है । और ये कैसे कार्य करते हैं । और ये कितने प्रकार के होते हैं । तो आपको बता दें कि इंजन कई प्रकार के होते है । पर मुख्यतः इंजन दो प्रकार के होते हैं । जिनमे से एक है ic engine जिसका प्रयोग आज के दौर में देखने को मिलता है । आज हम जानेंगे कि इन्टर्नल combustion इंजन क्या है । और ये कैसे कार्य करता है । 

सामान्य शब्दों में कहा जाए तो इंजन एक ऐसी मशीन है । जो कि रासायनिक और हीट ऊर्जा को मकेनिकल ऊर्जा में परिवर्तित करता है । प्रायः इंजन शुरू करने के लिए फ्यूल और हवा का मिश्रण दिया जाता है । ये एक रासायनिक मिश्रण है । जब ये मिश्रण इंजन में जलता है । तो इससे हीट और पावर जनरेट होती है ।

और ये पावर इंजन में लगी क्रैंक शाफ़्ट को घुमाती है । और तब पावर मकेनिकल ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है । जिसे अन्य कार्यों में प्रयोग में लिया जाता है । इसे हीट इंजन भी कहा जाता है ।

हीट इंजन की परिभाषा

हीट इंजन का तात्पर्य है । इंजन  सिलिंडर में ताप दाब द्वारा गैसों को को फैलाकर पावर प्राप्त की जाती है । ओर उस पावर का उपयोग मकेनिकल माध्यम से अन्य कार्यों मं किया जाता है ।

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हीट इंजन के प्रकार

सामन्यतयाः इंजन सिलिंडर में फ्यूल के जलने के अनुसार इंजन दो प्रकार के होते हैं ।

  1. इन्टर्नल combustion इंजन
  2. एक्सटरनल combustion इंजन

पर इनको कई प्रकार से बांटा गया है  चलिए जानते हैं कुछ इंजन के बारे में जिनमें से एक है

ic engine क्या है

इन्टर्नल combustion इंजन इसे आमतौर पर ic engine भी कहा जाता है । और  ये हीट इंजन का एक प्रकार है । ये इंजन वर्तमान में बहुत अधिक प्रयोग किये जाते हैं । जैसे ट्रांसपोर्ट के कार्यों में लगी गाड़ियों और ट्रेक्टर और विभिन्न मचिनो में इस प्रकार के इंजन का प्रयोग किया जाता है । 

इन इंजनों में सिलिंडरों में फ्यूल जैसे पैट्रोल डीजल आयल और गैसों को जलने के लिए हीट का प्रयोग किया जाता है । इससे इंजन के अंदर पिस्टन में बहुत जोरदार झटका लगता है ।

और शक्ति उत्पन्न होती है । इनमें फ्यूल इंजन के अंदर ही  जलता है । और उससे उत्पन्न गर्मी से गैसों के फैलने से पॉवर प्राप्त होती है । इसीलिए इन्हें  ic engine या  इंटरनल कंबस्शन इंजन कहते है ।

ईधन के  जलने के आधार पर ये दो प्रकार के होते हैं

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कम्प्रैशन इग्निशन इंजन

ये  INTERNAL COMBUSTION  इंजन का एक प्रकार है ।इस  प्रकार के इंजनों में डीजल और क्रूड आयल प्रयोग किया जाता है । इसमें ईंधन को कम्प्रेश्ड करके जलाया जाता है ।  इसीलिए ये कम्प्रेशन इग्निशन इंजन कहलाते हैं । इस प्रकार के इंजिनों में केवल साफ़ हवा सिलेंडर में इतने अधिक अनुपात पर दबायी जाती है ।

कि उसका ताप बहुत अधिक बढ़ जाता है । इस गर्म हवा में डीजल या क्रूड आयल का प्रवेश करते ही वह तेज जल जाता है  जिससे गर्मी उत्पन्न हो जाती है । तथा गर्मी द्वारा गैसों दे फैलने से शक्ति प्राप्त होती है । इन इंजनों में गति के मुकाबले पावर और टार्क अधिक प्राप्त होती है । और भारी वाहनों में इनका प्रयोग अधिक किया जाता है । जैसे ट्रक और बसों में इस प्रकार के इंजनों का प्रयोग अधिक किया जाता है जहाँ पावर की अधिक आवश्यकता अधिक होती है  । साथ ही इन प्रयोग लगभग सभी गाड़ियों में किया जाता है । ये इंजन कीमत में पैट्रोल इंजन के मुकाबले महंगे होते हैं ।  

कम्प्रैशन इग्निशन इंजन में मुख्यतः  निम्नलिखित होते हैं 

1 . डीजल इंजन

2 . गैसोलीन इंजन

इनमें भी दो तरह के इंजन होते हैं

1 . फोर स्ट्रोक इंजन

2 . टू स्ट्रोक इंजन

स्पार्क इग्निशन इंजन

ये भी INTERNAL COMBUSTION  इंजन का एक प्रकार है । क्यूंकि इसमें ईंधन को स्पार्क मतलब आग की एक चिंगारी देकर जलाया जाता है । इस प्रकार के इंजिनों में ईधन के रूप में पेट्रोल या फिर गैस का प्रयोग किया जाता है । और ये स्पार्क इग्निशन इंजन कहलाते हैं । इनमें पेट्रोल और हवा का मिश्रण पहले दबाया जाता है ।  

और फिरउस दबे हुए मिश्रण को स्पार्क प्लग के द्वारा स्पार्क देकर जला दिया जाता है । और जलाकर गर्मी प्राप्त की जाती है । जिससे गैसें फ़ैल जाती हैं और गैसों के फैलने से पॉवर प्राप्त होती है । आज के दौर में इस प्रकार के इंजन का उपयोग बहुत अधिक होता है । ये इंजन कीमत में डीजल इंजन के मुकाबले कम कीमत के होते हैं 

इसमें  भी 2 तरह के इंजन होते हैं

1 . पैट्रोल इंजन

2 . क्रूड आयल इंजन 

और ये भी 2 तरह के होते हैं

1 . फोर स्ट्रोक इंजन

2 . टू स्ट्रोक इंजन

स्ट्रोक क्या होता है ?

इंजन के सिलेंडर में जब एक पिस्टन जब T.D.C यानी ( टॉप डैड सेंटर) ऊपरी सीमा से B.D.C मतलब ( बॉटम डैड सेंटर ) निचली सीमा तक कुल जितनी दूरी तय करता है । वही पिस्टन का एक स्ट्रोक कहलाता है । एक इंजन में एक पिस्टन चार स्ट्रोक पूरे करता है । जो निम्नलिखित हैं –

  1. सक्शन स्ट्रोक 
  2. कम्प्रेशन स्ट्रोक 
  3. पावर स्ट्रोक 
  4. एग्जॉस्ट स्ट्रोक 

इन चार स्ट्रोक को ही इंजन का एक चक्र मतलब साइकिल कहते हैं । इन सभी कार्यों को करने पर इंजन का एक साइकिल मतलब चक्र पूरा होता है । क्यूंकि ये चारों स्ट्रोक पिस्टन के द्वारा ही पूरे होते हैं । तो पिस्टन स्ट्रोकों के आधार पर इंजन साइकिल दो प्रकार के होते हैं 

टू स्ट्रोक साइकिल 

फोर स्ट्रोक साइकिल 

B.D.C क्या है ?

पिस्टन जब अपने स्ट्रोक के समय सिलेंडर के सबसे निचले स्थान तक यात्रा करता है । उसे B.D.C मतलब बॉटम डैड सेंटर कहते हैं ।

T.D.C क्या है ?

जब पिस्टन अपने स्ट्रोक के दौरान सिलेंडर के सबसे ऊपरी सतह तक यात्रा करता है । उस स्थान को T.D.C मतलब टॉप डैड सेंटर कहते हैं ।

 

 आपने इस पोस्ट में जाना कि इन्टर्नल combustion इंजन क्या है । आगे हमे इन सबको और अधिक विस्तार से जानेंगे उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आयी हो अपने सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में भेजें और हमें INSTAGRAM और  FACEBOOK पर जरूर FOLLOW करें।

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